भाजपा के सूत्रों से खबर आ रही है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कुछ राज्यों में होने वालो चुनावों के मद्देनजर भाजपा को अपना तेवर नरम रखने की सलाह दी है. दरअसल, भाजपा नेताओं में इस बात को लेकर मतभेद उभर रहा है कि दिल्ली के आसपास और पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन को खालिस्तान समर्थक कहा जाय या नहीं.
इसे देखते हुए संघ ने सलाह दी है कि इस मसले पर भाजपा और राज्य में उनकी सरकारों को संवेदनशील रुख अख्तियार करना चाहिए. सूत्रों ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया है कि संघ ने भाजपा के नेताओं को ताकीद की है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर उन्हें अपने तेवर नरम करने की जरूरत है.
बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर संघ अपनी नाखुशी पहले ही जाहिर कर चुका है लेकिन मौजूदा हालात में उनका मानना है कि अगर लोगों में यह सन्देश जाता है कि सरकार जाटों और सिक्खों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही है तो इससे आगामी चुनाव में भाजपा को बड़ा नुक्सान हो सकता है. बताया जा रहा है कि संघ और भाजपा नेताओं की मुलाकातें नॉएडा में हुई हैं और संघ की ओर से इस तरह के सुझाव कृष्ण गोपाल ने दिए हैं.